Browsing: श्री हनुमज्जयन्ती महोत्सव

जे येहि कथहि सनेह समेता। कहिहहिं सुनहहिं समुझि सचेता। होइहहिं रामचरन अनुरागी। कलिमल रहित सुमंगल भागी।। यह सूचित करते अपार…