Browsing: काशी का 103 वौं अधिवेशन

जे येहि कथहि सनेह समेता। कहिहहिं सुनहहिं समुझि सचेता। होइहहिं रामचरन अनुरागी। कलिमल रहित सुमंगल भागी।। यह सूचित करते अपार…